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दिल्ली SIR अभियान में मतदाताओं के भ्रम दूर, निर्वाचन अधिकारी ने दिए जवाब

 नई दिल्ली
दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान जारी है। जिसमें बूथ वार शिविरों में बीएलओ घर-घर जाकर गणना प्रपत्र बांट रहे हैं और उसे भरवा रहे हैं।

इस बीच, प्रपत्र में मांगी गईं विभिन्न जानकारियों को लेकर मतदाताओं में भ्रम की स्थिति है। उससे संबंधित सवालों के जवाब दैनिक जागरण ने दिल्ली के उप निर्वाचन मुख्य
अधिकारी प्रशांत प्रसाद के सामने रख उसपर निदान पूछा:-

एक शिविर में शालिनी शर्मा ने बताया कि वह पहले जहां वह रहती थी, वहां से नाम कट गया। जानकारी मिलने पर उन्होंने नया मतदाता पहचान पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया हुआ है, तभी SIR शुरू हो गया। अब उनका नाम मतदान सूची में नहीं है तो उनका SIR फार्म भी बीएलओ के पास नहीं है, ऐसे में वह अपना SIR कैसे पूरा करें?

उन्हें घबराने की कोई जरूरत नहीं है वह 17 अगस्त के बाद फार्म- 6 भर दें। उनका नया मतदाता पहचान पत्र बनने के साथ ही उनका SIR में नाम जोड़ दिया जाएगा। इसी प्रकार जो लोग मतदान के योग्य है, लेकिन मतदाता पहचान पत्र नहीं बना है वह भी फार्म- 6 भरकर अपना मतदान पहचान बनवा कर SIR में नाम जुड़वा सकते है।

प्रशांत प्रसाद, उप निर्वाचन मुख्य अधिकारी
मैं, प्रराग जैन, उत्तर प्रदेश का निवासी हूं। पहले मैं वहां का मतदाता था, लेकिन वहां SIR दिल्ली से पहले हुआ है और वहां SIR में उनका नाम है। पर मैं दिल्ली में पिछले 10 वर्ष से रह रहा हूं और यहां भी मतदान पहचान पत्र बनवाकर मतदान कर रहा हूं, मेरा यहां भी SIR फार्म आया है। क्या मैं यहां भी SIR भर सकता हूं?

नहीं, भर सकते हैं, क्योंकि यूपी में पहले SIR हो चुका है और अगर यहां भी वह SIR फार्म भरते हैं तो उनका यहां का मतदान निरस्त हो जाएगा।

मेरे माता- पिता का नाम 2002 की मतदान सूची में है, लेकिन उसमें माता का नाम गलत है। दूसरा, माता- पिता दोनों का एपिक नंबर मतदाता सूची में नहीं है। ऐसे में मैं अपनी माता का नाम सूची में कैसे सही करवा सकता हूं और फार्म के एपिक नंबर में क्या भरूं?

माता- पिता का नाम 2002 की सूची में जो है वहीं भरे क्योंकि मैंपिग उसी से हो रही है तो वह भरना सही है। 17 अगस्त के बाद दावे आपत्तियां जारी होंगी तब फार्म-8 भरकर और अपने दस्तावेज देकर सूची में नाम सही करवा सकते हैं। दूसरा एपिक नंबर अगर 2002 की सूची में नहीं हो तो उस कालम को छोड़ दे। इससे कोई परेशानी नहीं होगी।

मालीवाडा के आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष आलोक जैन के अनुसार, उनके क्षेत्र में कुछ महिलाएं शादी करके दूसरे देश से आई है और ससुराल व पति के दस्तावेजों के आधार पर आधार कार्ड से लेकर मतदान पहचान पत्र तक बनवाकर यहां मतदान करती आ रही है, लेकिन SIR मैंपिंग में उनके माता- पिता का नाम नहीं है तो वह क्या करें?

ऐसे लोगों को नागरिकता के लिए गृह मंत्रालय में नागरिकता के लिए आवेदन करना होगा और आयोग को दस्तावेज देना होगा।

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