राजनीतिक

MP कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक बदलाव, इसी सप्ताह भंग होगी प्रदेश कार्यकारिणी; Gen-Z पर भी मंथन

भोपाल
 कांग्रेस के प्रकोष्ठ और विभागों को पांच अगस्त को भंग किए जाने के बाद अब इसी सप्ताह पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी (पीसीसी) को भी भंग किया जाएगा। इसमें उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव सहित अन्य पदाधिकारी शामिल हैं। एक से दो माह में नई कार्यकारिणी बनेगी। इसके बाद प्रकोष्ठ और विभागों का पुनर्गठन किया जाएगा।

इसमें कार्यकर्ताओं की भी राय ली जाएगी। प्रमुख पदाधिकारियों के चयन के लिए तीन-तीन नामों का पैनल बनेगा, जिसमें एक के नाम को केंद्रीय नेतृत्व हरी झंडी देगा। यह निर्णय मंगलवार को पीसीसी में कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) की बैठक में लिया गया है। बैठक में समिति के कुछ सदस्यों ने यह भी कहा कि नाम लिए जाते हैं, पर जब चयन होता है तो कोई और चेहरा आ जाता है। ऐसा नहीं होना चाहिए।

जेन-जी पर फोकस
पांच घंटे तक चली बैठक में लगभग ढाई घंटे की चर्चा जेन-जी यानी युवाओं पर पर केंद्रित रही। तय किया गया है जबलपुर या इंदौर में जेन-जी से संवाद के लिए 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को भी बुलाने की तैयारी है। युवाओं के जिलेवार सम्मेलन भी होंगे। बैठक में कमल नाथ, दिग्विजय सिंह, अरुण यादव व्यक्तिगत कारणों से सम्मिलित नहीं हुए।

अनुशासन तोड़ने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
बैठक में जन आंदोलन के मुद्दे और नगरीय निकाय चु
नाव की तैयारियों पर भी चर्चा की गई। इसमें तय किया गया है कि अनुशासन तोड़ने वाले कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। इंटरनेट मीडिया पर विवादित पोस्ट डालने वालों को चिह्नित किया जाएगा। इस पर भी सहमति बनी है कि अन्य विभागों की तरह एससी विभाग की भी कमेटी बनेगी। संभागीय स्तर पर चल रहे प्रशिक्षण शिविरों में रीवा में राहुल गांधी को बुलाने पर चर्चा हुई।

बैठक में किसने क्या कहा
प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने संगठन सृजन अभियान की समीक्षा की। विभाग का प्रकोष्ठों के पुनर्गठन में साफ छवि वालों के नाम तय करने के लिए कहा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा दतिया उपचुनाव प्रदेश में बदलाव के संकेत हैं। इससे कार्यकर्ताओं में उत्साह है। इसका लाभ आगामी नगरीय निकाय चुनाव में मिलेगा।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि केन-बेतवा परियोजना में विस्थापित परिवारों के लिए पार्टी लड़ेगी। राज्य सभा सदस्य विवेक तन्खा ने युवा आंदोलन चलाने और सोनम वांगचुक को शामिल करने का सुझाव दिया। महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रीना बौरासी ने जिला कार्यकारिणी के गठन की प्रगति बताई।

बैठक में कांतिलाल भूरिया, कमलेश्वर पटेल, सज्जन सिंह वर्मा, संगठन प्रभारी संजय कामले, एनएसयूआइ के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे सहित प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए।

संभावित तीन-तीन उम्मीदवारों के नाम तय होंगे
बैठक में अगले वर्ष होने वाले नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों को लेकर भी लंबी चर्चा हुई। इसमें तय किया गया है कि जिलाध्यक्ष अभी से एससी, एसटी, ओबीसी और अनारक्षित श्रेणी के तीन-तीन नाम चिह्नित कर लें, जिससे आरक्षण निर्धारित होने के बाद प्रत्याशी चयन में जल्दबाजी नहीं हो। दतिया उपचुनाव की तरह ही नगरीय निकाय चुनावों में क्लस्टर और बूथ प्रबंधन का माडल अपनाया जाएगा।

जनआंदोलनों की बनी रूपरेखा, उज्जैन में होगा बड़ा आंदोलन
बैठक में पार्टी ने जनआंदोलन के लिए मुद्दे भी निर्धारित किए हैं। पत्रकारों से बातचीत में पार्टी के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने आरोप लगाया कि उज्जैन में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के विरूद्ध पार्टी उज्जैन में बड़ा प्रदर्शन करेगी। राम मंदिर में चंदा घोटाला, केन-बेतवा लिंक परियोजना में विस्थापित परिवारों की समस्याएं, किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता कम होने, कथित पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर बेवजह 62 लाख पुलिस प्रकरण भाजपा सरकार के समय दर्ज किए जाने, छात्र संघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाने, युवाओं की समस्याओं की लेकर अलग-अलग तरह से आंदोलन की रणनीति बनी है।

 

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