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जिम्बाब्वे का एक और बड़ा उलटफेर, ऑस्ट्रेलिया के बाद श्रीलंका भी हुआ ढेर

कोलंबो

जिम्बाब्वे ने किया एक और उलटफेर, ऑस्ट्रेलिया के बाद अब श्रीलंका को भी रौंदा

गुरुवार (19 फरवरी) को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप 2026 के 36वें मुकाबले में जिम्बाब्वे ने श्रीलंका को 6 विकेट से हराकर एक और बड़ा उलटफेर किया है। इससे पहले जिम्बाब्वे ने विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया कौ रौंदा था और अब श्रीलंका पर जीत हासिल करके ग्रुप स्टेज में अजेय रहते हुए सुपर-8 के लिए धमाकेदार एंट्री मारी है।

मैच में श्रीलंका के कप्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टीम ने 20 ओवरों में 7 विकेट पर 178 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। सलामी बल्लेबाज पथुम निसांका ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 41 गेंदों में 8 चौकों की मदद से 62 रनों की बेहतरीन पारी खेली। मध्यक्रम में पावन रत्नायके ने केवल 25 गेंदों में 3 चौकों और 2 छक्कों के साथ 44 रन बनाकर टीम के स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाया। कुसल परेरा ने भी शुरुआत में 14 गेंदों पर 22 रन जोड़कर टीम को एक अच्छी शुरुआत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। श्रीलंका की टीम ने पावरप्ले में 61 रन जोड़े थे, लेकिन वे अंतिम ओवरों में जिम्बाब्वे की सधी हुई गेंदबाजी के सामने और बड़ा स्कोर नहीं बना सके।

जिम्बाब्वे के गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में अनुशासित प्रदर्शन किया और श्रीलंकाई बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। अनुभवी लेग स्पिनर ग्रीम क्रेमर सबसे सफल गेंदबाज रहे जिन्होंने अपने 4 ओवरों में मात्र 27 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी ने भी अपनी गति का अच्छा इस्तेमाल किया और 38 रन देकर श्रीलंका के 2 खिलाड़ियों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। ब्रैड इवांस ने अपनी गेंदबाजी से 2 विकेट लिए जबकि रयान बर्ल ने भी एक विकेट लेकर श्रीलंका की रन गति पर लगाम लगाई। जिम्बाब्वे की फील्डिंग भी काफी चुस्त रही जिसके कारण उन्होंने सह-मेजबान श्रीलंका को 180 के स्कोर के नीचे रोकने में सफलता प्राप्त की। श्रीलंकाई पारी के अंत में दुनिथ वेलालगे ने नाबाद 15 रन बनाकर अपनी टीम को एक लड़ने लायक लक्ष्य तक पहुंचाया था।

179 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और पावरप्ले में 55 रन बनाए। सलामी बल्लेबाज ब्रायन बेनेट ने एक छोर संभालकर रखा और 48 गेंदों में नाबाद 63 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली जिसमें 8 चौके शामिल थे। तदिवानाशे मारुमनी ने 34 रन और रयान बर्ल ने 23 रन बनाकर मध्यक्रम में रन गति को बनाए रखने में बेनेट का अच्छा साथ निभाया। कप्तान सिकंदर रजा ने मात्र 26 गेंदों में 4 छक्कों और 2 चौकों की मदद से 45 रनों की तूफानी पारी खेलकर मैच का मैच का पासा पलट दिया। कप्तान रजा को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। श्रीलंका के लिए दुशान हेमंथा ने 2 विकेट लेकर मैच में वापसी की कोशिश की लेकिन वे जिम्बाब्वे की जीत को टाल नहीं सके।

मैच के आखिरी ओवर में जिम्बाब्वे को जीत के लिए 8 रनों की जरूरत थी और गेंदबाजी का जिम्मा महीश तीक्षणा के हाथों में था। टोनी मुनयोंगा ने तीक्षणा की पहली ही गेंद पर शानदार छक्का लगाकर श्रीलंकाई समर्थकों को पूरी तरह खामोश कर दिया। अगली दो गेंदों के बाद ब्रायन बेनेट ने एक्स्ट्रा कवर की ओर बेहतरीन चौका लगाकर जिम्बाब्वे को 19.3 ओवरों में ही यादगार जीत दिला दी। यह टी20I इतिहास में जिम्बाब्वे का दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज है जिसने विश्व क्रिकेट में उनकी बढ़ती ताकत का अहसास कराया है। इस जीत के साथ जिम्बाब्वे ग्रुप बी में अजेय रहते हुए शीर्ष पर पहुंच गया है और उन्होंने ऑस्ट्रेलिया और आयरलैंड जैसी टीमों को पीछे छोड़ दिया है। 2024 में वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई ना कर पाने वाली जिम्बाब्वे की टीम ने इस साल शानदार वापसी कर सुपर-8 में अपनी जगह पक्की कर ली है।

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