इंदौरमध्य प्रदेश

उज्जैन ने रचा इतिहास! 33.27 लाख दीपों से बना वर्ल्ड रिकॉर्ड, अयोध्या का रिकॉर्ड टूटा

उज्जैन 

उज्जैन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर सेवा संकल्प अभियान के तहत 'आशीर्वाद का दीया' नाम से उज्जैन में क्षिप्रा नदी के किनारे दीप जलाने का कार्यक्रम रखा गया था. इस दौरान उज्जैन ने 33,27,125 दीपक प्रज्वलित कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया है. इससे पहले ये रिकॉर्ड उत्तर प्रदेश में अयोध्या के नाम था जहां साल 2025 में 26,17,215 दीप प्रज्वलित किए गए थे। 

उज्जैन नगर निगम ने अपने आधिकारिक मीडिया ग्रुप में जानकारी दी है कि "31,15,630 दीपक क्षिप्रा नदी के किनारे प्रज्वलित किए गए. पूरे उज्जैन शहर में अलग अलग जगह मिलाकर टोटल 33,27,125 'आशीर्वाद के दिए' प्रज्वलित किए गए." हालांकि, इस रिकॉर्ड की घोषणा मंच से भी की गई है, जबकि वर्ल्ड रिकॉर्ड का सर्टिफिकेट अभी मिलना है. वहीं, उज्जैन नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा और स्मार्ट सिटी सीईओ नेहा जैन ने वर्ल्ड रिकॉर्ड की पुष्टि कर दी है। 

कब से शुरु हुआ था उज्जैन में दीपउत्सव ?
उज्जैन में दीप उत्सव की शुरुआत 2022 से तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के समय शिव ज्योति अर्पणम के नाम से महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर हुई थी. साल 2022 में उज्जैन ने साल 2021 के अयोध्या के 9,41,551 दीपों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए 11,71,078 दीप प्रज्वलित कर गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा लिया था। 

कब-कब उज्जैन अयोध्या ने तोड़ा एक दूसरे का रिकॉर्ड
इसके बाद फिर उत्तर प्रदेश में अयोध्या ने 2022 में ही 15,76,955 दीप जलाकर रिकॉर्ड तोड़ा. वहीं, उज्जैन ने साल 2023 में 18,82,229 दीप जलाकर अयोध्या का साल 2022 का रिकॉर्ड तोड़ दिया. इसी साल 2023 में अयोध्या ने 22,23,000 दीप जलाए जिसके बाद फिर उज्जैन का रिकॉर्ड टूट गया. 2024 में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के कारण उज्जैन में 5,51,000 दीप ही जलाए गये थे. अयोध्या ने 2024 में 25,12000 दीप जलाए, जबकि साल 2025 में 26,17,215 दीप प्रज्वलित किए.

उज्जैन के रामघाट पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्ज्वलित किया. उनके साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह भी मौजूद रहे. इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और अन्य अतिथियों ने शिप्रा आरती में हिस्सा लिया. मां शिप्रा की आराधना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की गई. आयोजन से जुड़े लोगों के मुताबिक, दीप प्रज्ज्वलन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों के दौरान राष्ट्र निर्माण और राष्ट्र सेवा से जोड़कर देखा गया. इसी भाव के साथ उज्जैन में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। 

उज्जैन में शिप्रा के विभिन्न घाटों और महाकाल महालोक में कुल 33 लाख 27 हजार दीये प्रज्ज्वलित किए गए. इस सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन को आयोजकों ने विश्व रिकॉर्ड बताया है. इससे पहले कार्यक्रम के लिए 25 लाख से ज्यादा दीये जलाने की तैयारी की गई थी, लेकिन अंतिम आयोजन में यह संख्या 33.27 लाख तक पहुंची. दीप प्रज्ज्वलन के दौरान बड़ी संख्या में वॉलंटियर्स की भूमिका रही. घाटों पर पहले से दीयों को व्यवस्थित किया गया था. सायरन बजने के बाद सभी ने एक साथ दीप जलाना शुरू किया, जिससे कुछ ही समय में पूरा आयोजन क्षेत्र रोशनी से भर गया। 

यह दीपोत्सव सिर्फ उज्जैन तक सीमित नहीं रहा. आयोजन के तहत मध्य प्रदेश के सभी जिलों और 845 आइकॉनिक प्लेस पर भी एक साथ दीये प्रज्ज्वलित किए गए. आयोजकों के अनुसार, पूरे प्रदेश में कुल 3 करोड़ 55 लाख दीये जलाए गए. इस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में प्रदेशभर के अलग-अलग स्थानों को दीपों से सजाया गया. उज्जैन इसका मुख्य केंद्र रहा, जहां शिप्रा तट और महाकाल महालोक में एक साथ 33 लाख 27 हजार दीये जलाए गए। 

घाटों से महाकाल महालोक तक रोशनी
शाम होते ही उज्जैन के प्रमुख घाटों का दृश्य बदल गया. रामघाट, दत्त अखाड़ा, केदारेश्वर घाट, सुनहरी घाट और भूखी माता घाट पर दीयों की कतारें नजर आईं. दूसरी तरफ महाकाल महालोक भी दीपों की रोशनी से जगमगा उठा. हजारों श्रद्धालुओं और नागरिकों की मौजूदगी में हुए इस आयोजन में एक साथ दीप प्रज्ज्वलित करने का दृश्य लोगों के लिए खास आकर्षण रहा. 25 हजार से अधिक वॉलंटियर्स ने इस आयोजन में हिस्सा लिया. उज्जैन में हुए इस दीपोत्सव के साथ आयोजकों के अनुसार विश्व रिकॉर्ड बनाया गया. वहीं पूरे मध्य प्रदेश में 845 आइकॉनिक प्लेस समेत अलग-अलग स्थानों पर 3.55 करोड़ दीये प्रज्ज्वलित किए गए. इस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के जरिए प्रदेशभर में सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन किया गया। 

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