यूपी के तीन शिक्षकों का बढ़ा मान, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देंगी राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार

लखनऊ
जब जुनून और सेवा भावना शिक्षा से जुड़ती है, तो बदलाव सिर्फ कक्षाओं तक सीमित नहीं रहता। उत्तर प्रदेश के तीन ऐसे ही समर्पित शिक्षकों कौशांबी की शालिनी कुशवाहा, बलिया के डॉ. इफ्तखार खान और गाजियाबाद की रेनू त्रिपाठी ने अपनी निस्वार्थ सेवा से यह सिद्ध कर दिखाया है।
आगामी पांच सितंबर (शिक्षक दिवस) को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इन तीनों शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित करेंगी।
वेतन से खरीदे जूते और यूनिफॉर्म
कौशांबी के कंपोजिट विद्यालय रसूलाबाद में तैनात शालिनी कुशवाहा का सफर संवेदनशीलता और समर्पण की मिसाल है। ट्रेनिंग के दौरान 122 मासूम बच्चों को नंगे पैर स्कूल आते देख उनका दिल पसीज गया, तो उन्होंने अपनी जेब से सभी को जूते-मोजे दिलवाए।
पहली तैनाती में जब देखा कि बच्चे दरी पर बैठते हैं, तो उनके लिए कुर्सियां उपलब्ध कराईं। स्कूल बदला तो उसे कंप्यूटर, प्रोजेक्टर और माडर्न टेबल-चेयर से सजाकर कान्वेंट जैसा रूप दे दिया। वर्ष 2022 में मिले 25 हजार रुपये के राज्य अध्यापक पुरस्कार में अपनी सैलरी से 22 हजार रुपये और मिलाकर उन्होंने सभी विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म बांट दी
तराशे ऐसे हीरे जिन्होंने जीते 50 पदक
बलिया के किकोड़ा गांव के किसान परिवार से आने वाले इफ्तखार खान पिछले 27 वर्षों से कला शिक्षक हैं। ललित कला में पीएचडी कर चुके डॉ. खान पहले भी राज्यपाल, उपराष्ट्रपति से सम्मानित हो चुके हैं। नेपाल में नोबल टैलेंट इंटरनेशनल अवार्ड 2024 पा चुके हैं।
उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कला के क्षेत्र में प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। उनके छात्रों ने 50 से अधिक पदक हासिल किए हैं। वह प्रत्येक रविवार को 26 वर्षों से नि:शुल्क शिक्षा अपने आवास पर देते हैं, जिसमें दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे आते हैं।
राज्य पुरस्कार से सम्मानित हो चुकीं हैं डॉ. रेनू त्रिपाठी
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, विजय नगर में विज्ञान की शिक्षिका डा. रेनू त्रिपाठी को 2022 में राज्य शिक्षक पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। डॉ. रेनू त्रिपाठी पिछले करीब 20 वर्षों से राजकीय बालिका इंटर कालेज में शिक्षण कार्य कर रही हैं। विज्ञान विषय को छात्राओं के लिए रुचिकर बनाने और उन्हें बेहतर शैक्षिक अवसर उपलब्ध कराने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इन्होंने एमए, एमएससी, एमएड और पीएचडी सहित कई उपाधियां हासिल की हैं।





