राजनीतिक

अखबार में लिखते, टीवी पर बोलते हो, फिर…, शुद्धीकरण मुद्दे पर अपने ही नेताओं पर भड़के खड़गे

 नई दिल्ली

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी के 'शुद्धीकरण' मामले को लेकर अपनी ही पार्टी के नेताओं से नाराजगी जाहिर की है. सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस वर्किंग कमेटी यानी CWC की बैठक में खड़गे ने नेताओं की चुप्पी पर नाराजगी जताई। 

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पार्टी के कई नेता अखबारों में लिखते हैं और टीवी चैनलों पर अपनी बात रखते हैं. लेकिन जब एक दलित नेता के साथ शुद्धीकरण जैसा मामला हुआ, तो कई नेता कुछ नहीं बोले. उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दों पर नेताओं को और मुखर होकर अपनी बात रखनी चाहिए। 

'मैं दलित नहीं, कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर बोल रहा हूं'
सूत्रों के मुताबिक, मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हल्द्वानी में जो शुद्धीकरण हुआ, कांग्रेस को उसे राष्ट्रीय मुद्दा बनाना चाहिए. उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे को इसलिए नहीं उठा रहे हैं क्योंकि वह दलित हैं. खड़गे ने कहा, "मैं दलित नेता नहीं, मैं कांग्रेस अध्यक्ष हूं. लेकिन इस मसले पर आपको और मुखरता से बोलना चाहिए। 

अध्यक्ष खड़गे ने पार्टी के उन नेताओं का भी जिक्र किया, जो लगातार टीवी पर नजर आते हैं. अखबारों में लिखते हैं. खड़गे ने कहा कि ऐसे जाने-माने नेताओं को भी इस मुद्दे पर खुलकर लिखना और बोलना चाहिए। 

'शुद्धीकरण की मानसिकता से लड़ेंगे'
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि शुद्धीकरण मानवता के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि ऐसी मानसिकता के खिलाफ कांग्रेस लड़ती रहेगी. उन्होंने नेताओं से इस मुद्दे को मजबूती से उठाने की अपील की। 

दरअसल, खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में एक रैली को संबोधित किया था. इसके दो दिन बाद श्री राम सेना नाम के एक संगठन ने उसी जगह शुद्धीकरण हवन किया था. इस घटना पर खड़गे ने राज्यसभा में भी नाराजगी जताई थी। 

खड़गे ने कहा था कि इस घटना से उन्हें छुआछूत का दर्द महसूस हुआ. उन्होंने सवाल उठाया था कि क्या देश में दलितों के लिए जगह नहीं है. उन्होंने मामले में कानून के तहत कार्रवाई की मांग भी की थी। 

इस मुद्दे पर बीजेपी की तरफ से भी प्रतिक्रिया आई थी. बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने संसद में घटना की निंदा की और कहा था कि पार्टी छुआछूत की विचारधारा का समर्थन नहीं करती. वहीं, स्थानीय बीजेपी नेताओं ने शुद्धीकरण के पीछे धार्मिक भावनाएं आहत होने की बात कही थी। 

 

 

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