भोपालमध्य प्रदेश

राष्ट्रीय शिक्षा नीति अहम, सीएम डॉ. मोहन बोले- इसके जरिये नैतिक मूल्यों से जुड़ रहे युवा

भोपाल

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 4 अगस्त को "उभरते ज्ञान क्षेत्र, उन्नत पाठ्यक्रम:दृष्टि, दिशा एवं क्रियान्वयन" विषय पर आयोजित कार्यशाला में सम्मिलित हुए। कार्यशाला का आयोजन प्रशासन अकादमी में किया गया था। कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल भी उपस्थित थे। कार्यशाला का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन में उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रमों को वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक, रोजगारोन्मुख, बहुविषयक तथा प्रौद्योगिकी-सक्षम बनाना है। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा विभाग ने देश के आईआईटी संस्थानों के साथ अलग-अलग उद्देश्यों को लेकर एमओयू भी साइन किए। कार्यक्रम में भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा और शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अतुल कोठारी भी मौजूद थे।

कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और संस्कार आधारित शिक्षा समाज और राष्ट्र के विकास का आधार है। विकसित भारत के लिए गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा अत्यंत ज़रूरत है। युवाओं के लिए कौशल, रोज़गार और संस्कार आधारित शिक्षा समय की मांग है। शिक्षा जगत के मनीषियों को देश के युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण और संस्कार आधारित शिक्षा पर विशेष चिंतन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर बच्चे के लिए रोजगारपरक शिक्षा सुनिश्चित करना शिक्षा जगत की सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए। प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय और शैक्षणिक संस्थानों को अधिक से अधिक रोज़गार और कौशल आधारित पाठ्यक्रमों का संचालन करना चाहिए। विद्यार्थियों के लिए प्लेसमेंट की व्यवस्था बनाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि स्थानीय उद्योगों की माँग के अनुरूप पाठ्यक्रमों को तैयार करें। शैक्षणिक संस्थान, औद्योगिक संस्थानों और प्रतिष्ठानों से समन्वय करें। और आवश्यकता अनुसार शोध और अनुसंधान कर नए कोर्स डिजाइन करें ।

देश और राज्य को मजबूत बनाएंगे युवा

इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से हमारे युवा  नैतिक मूल्यों से जुड़ रहे हैं । वे समय की मांग के अनुरूप शिक्षित और प्रशिक्षित होकर देश के साथ-साथ राज्य को भी मजबूत बनाएंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने के बाद उसके विभिन्न आयामों आगे बढ़ाने की दिशा में उच्च शिक्षा विभाग ने उत्कृष्ट कार्य किया है। इसके लिए विभाग के सभी अधिकारी कर्मचारी बधाई के पात्र हैं। वहीं, उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि देश में सबसे पहले राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 मध्य प्रदेश में  लागू की गई। राज्य सरकार ने भारतीय ज्ञान परंपरा को पाठ्यक्रमों में शामिल करने का निर्णय लिया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि हमारे पाठ्यक्रम ऐसे हो, जिनमें ज्ञान के साथ कौशल विकास भी शामिल हो। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरुप पाठ्यक्रम तैयार करने में यह कार्यशाला अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। मध्यप्रदेश सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। हमारी सरकार ने भारत सरकार और विभिन्न संस्थाओं के साथ एमओयू किया है। पढ़ाई पूरी होने के बाद विद्यार्थियों के प्लेसमेंट पर भी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों में आधुनिक जरूरत और उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप, शिक्षा  व्यवस्था करने के लिए यहां मंथन होगा। इसमें विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलगुरु शामिल हुए हैं। इस कार्यशाला के  निष्कर्ष  बेहतर पाठ्यक्रम तैयार करने में सहायक सिद्ध होंगे।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में एमपी अग्रणी राज्य 

उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने कहा कि मध्यप्रदेश राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में अग्रणी राज्य है। राज्य सरकार इसे और बेहतर बनाने के लिए कार्य कर रही है। प्रदेश में कृषि संकाय के लिए पाठ्यक्रमों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी के साथ टेक्नोलॉजी, एआई, इंजीनियरिंग पर भी बेहतर कार्य हो रहा है। शिक्षा विभाग में तकनीक का समावेश तेजी से बढ़ा है। पिछले दो वर्ष में हजारों की संख्या में सहायक प्राध्यापकों की भर्ती की गई है, जिससे महाविद्यालयों में फैकेल्टी की कमी दूर करने में मदद मिली है। कैपेसिटी बिल्डिंग और फैकल्टी डेवलपमेंट के लिए कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। इस कार्यशाला के 5 अलग-अलग सत्रों में शिक्षा के उन्नयन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार विमर्श किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग और 30 संस्थानों के बीच एमओयू भी साइन किए  जाएंगे, जिस के माध्यम से युवाओं के लिए शिक्षा और कौशल विकास के लिए बेहतर रोडमैप तैयार किया जा सकेगा।

उच्च शिक्षा विभाग ने किए इतने एमओयू

कार्यक्रम में उच्च शिक्षा विभाग ने आईआईटी बॉम्बे के साथ डिजिटल कौशल एवं मुक्त स्रोत प्रौद्योगिकी के माध्यम से रोजगार क्षमता विकास, आईआईटी मद्रास के साथ भविष्य की प्रौद्योगिकियों और वैश्विक गुणवत्ता शिक्षा के सशक्त सेतु, आईआईटी गुवाहटी के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित उच्च शिक्षा, आईआईटी वाराणसी के साथ उन्नत तकनीकी शिक्षा एवं अनुसंधान उत्कृष्टता की ओर एक सशक्त कदम, आईआईटी रुड़की के साथ नेतृत्व, सतत् विकास एवं आपदा प्रबंधन में उत्कृष्टता की दिशा में साझेदारी, आईआईटी खड़गपुर के साथ गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा व संस्थागत उत्कृष्टता की  पहल के लिए एमओयू किए। इसके अलावा आईआईटी इन्दौर ने नवाचार, स्टार्टअप एवं उद्यमिता संस्कृति को प्रोत्साहन, अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान (एआईजीजीपीए)  ने सुशासन एवं लोकनीति अध्ययन को उच्च शिक्षा से जोड़ने की पहल, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (एमपीसीएसटी)  ने वैज्ञानिक अनुसंधान एवं नवाचार संस्कृति को नई गति प्रदान करने, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने जलवायु साक्षरता एवं मौसम विज्ञान आधारित अनुसंधान को नई दिशा प्रदान करने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा विभाग के साथ एमओयू किए। जबलपुर के ट्रॉपिकल फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट ने वन-जैव विविधता एवं जलवायु परिवर्तन अनुसंधान को उच्च शिक्षा से जोड़ने ,  एडवांस्ड मैटेरियल्स एंड प्रोसेसेस रिसर्च इंस्टीट्यूट (एएमपीआरआई) ने वैज्ञानिक अनुसंधान एवं उन्नत प्रौद्योगिकी से नवाचार को नई दिशा देने, भारतीय वन प्रबंधन संस्थान (आईआईएफएम) ने पर्यावरणीय नेतृत्व एवं सतत् विकास के लिए ज्ञान साझेदारी, भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान (आईआईएसएस) ने सतत् कृषि एवं मृदा विज्ञान अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए एमओयू किया। केन्द्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान कृषि नवाचार एवं प्रौद्योगिकी आधारित उच्च शिक्षा और राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय, फोरेंसिग विज्ञान एवं साइबर सुरक्षा में भविष्य उन्मुख कौशल विकास तथा मध्यप्रदेश पुलिस, सुरक्षित- जागरूक एवं उत्तरदायी नागरिक निर्माण की दिशा में सशक्त पहल के अंतर्गत उच्च शिक्षा विभाग की संस्थाओं के साथ कार्य करेगी। श्रम विभाग ने मध्यप्रदेश रोजगारन्मुख शिक्षा, कौशल विकास एवं श्रमिक अधिकार जागरूकता, राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान ने तकनीकी दक्षता, नवाचारी शिक्षण एवं संकाय क्षमता निर्माण , क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान भोपाल ने शिक्षक शिक्षा एवं शैक्षणिक गुणवत्ता संवर्धन की दिशा में उत्कृष्ट साझेदारी के लिए उच्च शिक्षा विभाग के साथ एमओयू किए।

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