छत्तीसगढ़

रायपुर में अब मॉल और कॉमर्शियल भवनों की होगी जांच, कोचिंग सेंटर्स के बाद प्रशासन का बड़ा अभियान

रायपुर 

रायपुर में कोचिंग सेंटर्स पर चल रही जांच अब सिर्फ कोचिंग सेंटरों तक सीमित नहीं रहेगी। शहर के बहुमंजिला व्यावसायिक भवनों, मॉल, कॉम्प्लेक्स और अन्य सार्वजनिक उपयोग की इमारतों को भी प्रशासन ने जांच के दायरे में शामिल कर लिया है।

इसकी वजह छत्तीसगढ़ शासन का 19 जून को जारी वह आदेश है, जिसमें प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को बहुमंजिला भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन सुविधाओं की सख्ती से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

भीड़भाड़ वाले संस्थानों पर पहले फोकस
शासन के निर्देश के बाद रायपुर जिला प्रशासन, नगर निगम और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम लगातार तीसरे दिन भी शहर के कोचिंग संस्थानों का औचक निरीक्षण कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती चरण में उन कोचिंग संस्थानों की जांच की जा रही है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी और अन्य लोग पहुंचते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि कोचिंग संस्थानों के बाद शहर के अन्य बहुमंजिला व्यावसायिक भवनों, मॉल, कॉम्प्लेक्स और सार्वजनिक उपयोग की इमारतों का भी निरीक्षण शुरू किया जाएगा। इनमें अग्नि सुरक्षा मानकों और आपातकालीन व्यवस्थाओं की सघन जांच की जाएगी।

NBC-2016 और BIS मानकों का पालन अनिवार्य
नगरीय प्रशासन और विकास विभाग के आदेश में राष्ट्रीय भवन संहिता (NBC-2016) और भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

शासन ने स्पष्ट किया है कि बहुमंजिला आवासीय, व्यावसायिक और मिक्स्ड यूज भवनों में फायर सेफ्टी सिस्टम, आपातकालीन निकासी मार्ग, अलार्म सिस्टम और अन्य सुरक्षा इंतजामों की नियमित जांच की जाए।

सभी नगरीय निकायों को यह जिम्मेदारी भी दी गई है कि वे भवन मालिकों और संस्थानों को सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक करें और नियमों का पालन केवल कागजों तक सीमित न रहने दें।

तीन दिन से लगातार चल रही जांच
जांच अभियान के पहले दिन एलन, अनअकैडमी, विद्यापीठ, RCC और अकादजा कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया गया था। जांच के दौरान कुछ संस्थानों में निर्धारित क्षमता से अधिक छात्रों के बैठने, वेंटिलेशन की कमी और फायर सेफ्टी मानकों से जुड़ी खामियां सामने आई थीं। संबंधित संचालकों को एक सप्ताह के भीतर सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं।

3 कोचिंग सेंटर को नोटिस जारी
दूसरे दिन चाणक्य कोचिंग सेंटर, इम्पैक्ट कोचिंग और CLAT कोचिंग सेंटर की जांच हुई। चाणक्य कोचिंग फायर ऑडिट सर्टिफिकेट प्रस्तुत नहीं कर सका, जबकि इम्पैक्ट कोचिंग में फायर सेफ्टी सिस्टम नहीं मिला। CLAT कोचिंग सेंटर की लिफ्ट का अलार्म सिस्टम बंद पाया गया। तीनों संस्थानों को नोटिस जारी किया गया है।

तीसरे दिन PATH IAS पहुंची टीम
बुधवार को नगर निगम की टीम जोन-4 स्थित PATH IAS अकादमी पहुंची। यहां भवन में अग्नि सुरक्षा, आपातकालीन निकासी और अन्य व्यवस्थाओं की जांच की गई। अधिकारियों ने संचालकों को सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

अब मॉल और कॉम्प्लेक्स भी रडार पर
बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में बहुमंजिला कॉमर्शियल भवनों, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मॉल और अन्य सार्वजनिक उपयोग की इमारतों का भी निरीक्षण किया जाएगा। जहां फायर सेफ्टी, लिफ्ट सुरक्षा या इमरजेंसी एग्जिट व्यवस्था में लापरवाही मिलेगी, वहां नोटिस, जुर्माना और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

19 जून के शासनादेश के बाद राजधानी में भवन सुरक्षा को लेकर प्रशासन अब सख्त रुख अपनाता नजर आ रहा है। लगातार हो रही जांच से साफ संकेत है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों और भवन संचालकों पर आने वाले दिनों में कार्रवाई और तेज हो सकती है।

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