भोपालमध्य प्रदेश

नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 स्वीकृति के लिए प्रस्तुत होना ऐतिहासिक पहल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 स्वीकृति के लिए प्रस्तुत होना ऐतिहासिक पहल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

महिला सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक होगा यह सप्ताह
प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर 16 अप्रैल से आरंभ हो रहे संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा- नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023
प्रदेश में 10 से 25 अप्रैल तक मनाया जा रहा है नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा जबलपुर की कृषि मंथन कार्यशाला कृषकों के लिए रही उपयोगी
केंद्र सरकार अंतर्राष्ट्रीय चुनौतियों और कीमतों के रुझान के बावजूद, किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है
प्रधानमंत्री मोदी का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने, अन्नदाताओं को खाद पर सब्सिडी उपलब्ध कराने के लिए माना आभार
नक्सल उन्मूलन के बाद अब बालाघाट में बहेगी विकास की गंगा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्री परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यह सप्ताह महिला सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक होगा। संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र 16 अप्रैल को आरंभ हो रहा है, जिसमें महिला आरक्षण के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि हमारे देश की नारी शक्ति को लोकसभा और विधानसभा में 33% स्थान मिलना चाहिए। राज्य सरकार भी 10 अप्रैल से 25 अप्रैल तक "नारी शक्ति वंदन" पखवाड़ा मना रही है। पूरे प्रदेश में बड़े स्तर पर नारी शक्ति वंदन सम्मेलन होंगे, इसके साथ ही विभिन्न स्थानों पर नारी शक्ति पदयात्रा भी निकल जाएगी। प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में इस दौरान नारी शक्ति वंदन से संबंधित कार्यक्रम वृहद स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह जानकारी मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2026 को समृद्ध किसान-समृद्ध मध्यप्रदेश की थीम के साथ पूरे प्रदेश में कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इस क्रम में 8 अप्रैल को जबलपुर में आयोजित कृषि मंथन कार्यशाला में देश-विदेश के कृषि वैज्ञानिक, कृषि उत्पादक और एफपीओ शामिल हुए। कार्यशाला में देश के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों के साथ कृषि को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में स्थापित करने, खेत से कारखाने तक उत्पादों की पहुंच सुगम बनाने ,कम पानी में उत्पादन की फसल बढ़ाने और कृषि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग जैसे विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। कार्यशाला मे सहभागी किसानों को कई उपयोगी जानकारियां प्राप्त हुई। कार्यशाला के निष्कर्ष किसानों को उनकी आमदनी बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय चुनौतियों एवं कीमतों के रुझानों के बावजूद केन्द्र सरकार किसानों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसके लिये प्रधानमंत्री मोदी का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आभार माना।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्नदाताओं को खाद पर सब्सिडी के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार मानते हुए कहा कि केन्द्रीय मंत्री मण्डल ने 8 अप्रैल 2026 को फास्फेट एवं पोटेशियम उर्वरको जैसे न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी को मंजूरी दी है।केन्द्रीय मंत्री मण्डल द्वारा खरीफ सीजन 2026 के लिये फास्फेट एवं पोटेशियम उर्वरकों पर पोषण तत्व आधारित सब्सिडी के लिये 41 हजार 833 करोड़ रुपए की बजटीय व्यवस्था को स्वीकृति दी, जो विगत वर्ष से 4,317 करोड़ रूपये अधिक है। खरीफ सीजन 2026 में इससे किसान प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होगे। केन्द्र सरकार उर्वरक निर्माताओं/आयातकों के माध्यम से किसानों को रियायती दरों पर डीएपी सहित 28 श्रेणियों के फॉस्फेट और पोटेशियम उर्वरक उपलब्ध करा रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि रायसेन में 11 अप्रैल से आरंभ तीन दिवसीय उन्नत कृषि महोत्सव का केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुभारंभ किया। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी कार्यक्रम में उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि इस महोत्सव में उन्नत बीज, सिंचाई तकनीक, कृषि यंत्र, प्राकृतिक खेती, कम्यूनिटी एवं इंटीग्रेटेड फॉर्मिंग एवं कृषि एव बागवानी से संबंधित नई तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। लगभग 350 से अधिक स्टॉल लगाये गये हैं और खेती से जुड़े अलग-अलग विषयों पर विभिन्न सत्र आयोजित किये गये हैं। इनमें विभिन्न कृषि वैज्ञानिक, विषय विशेषज्ञ एफपीओ तथा किसान बंधु भाग ले रहे है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नक्सल उन्मूलन के बाद बालाघाट में अब विकास की गंगा बहेगी। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कुशल मार्गदर्शन में प्रदेश में नक्सल ग़तिविधियों का उन्मूलन हो गया है। अब प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से विकास किया जायेगा। आगामी माह बालाघाट में जनजातीय महोत्सव का आयोजन होगा। इसमें सांस्कतिक और खेल गतिविधियों के साथ-साथ विकास से जुड़े हुये सभी विभाग स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। धरती आबा अभियान में हितग्राहियों को लाभान्वित करने और मेगा स्वास्थ्य शिविर तथा सिकल सेल स्क्रीनिंग का कार्य भी किया जायेगा साथ ही विभिन्न पारम्परिक व्यंजनों के स्टॉल भी लगाये जाएंगे।

 

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