योगी सरकार के नौ साल सुशासन व विकास का प्रतीक: केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ
उत्तर प्रदेश में विकास और समृद्धि के 9 वर्ष पूर्ण होने पर लोक भवन में “नव निर्माण के 9 वर्ष” पुस्तक के विमोचन अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीते नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में सुशासन और विकास की नई मिसाल कायम हुई है। प्रदेश की जनता अब विकास और सुशासन की राजनीति को समझ चुकी है और भ्रम फैलाने वाली राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी। वर्ष 2016-17 का दौर प्रदेश के लोगों को आज भी याद है, जब उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब थी और प्रदेश की पहचान गुंडागर्दी और माफियाओं के प्रभाव से जुड़ गई थी। उस समय निवेशक भी प्रदेश में आने से कतराते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में समाज के हर वर्ग के साथ अन्याय हुआ और विकास की रफ्तार थम गई थी। उन्होंने जनता से अपील की कि समाजवादी पार्टी के पीडीए की धज्जियां उड़ा दें। 2047 तक भी समाजवादी पार्टी की सरकार नहीं बनने वाली है। 2047 तक विकसित देश बनेगा और विकसित प्रदेश भी बनेगा।
उप मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि वर्ष 2017 में भाजपा और उसके सहयोगियों ने 325 सीटें जीतकर जो इतिहास रचा था, उसे 2027 के विधानसभा चुनाव में और बड़े बहुमत के साथ दोहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज जो लोग दलितों और पिछड़ों की बात कर रहे हैं, वे समय के साथ अपना रुख बदलते रहे हैं। उन्होंने योगी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश के तीन करोड़ से अधिक किसानों को करीब 99 हजार करोड़ रुपये सीधे उनके खातों में दिए गए हैं। मुख्यमंत्री राहत कोष से भी बड़ी संख्या में जरूरतमंदों को आर्थिक सहायता मिली है। प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाकर भ्रष्टाचार और भाई भतीजावाद पर प्रभावी रोक लगाई गई है।
समारोह को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था जैसे क्षेत्रों में व्यापक सुधार हुआ है। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश की पहचान खराब कानून व्यवस्था और जर्जर बुनियादी ढांचे से होती थी, जबकि आज उत्तर प्रदेश बेहतर सड़कों, एक्सप्रेसवे, निवेश और मजबूत कानून व्यवस्था के कारण देश में नई पहचान बना रहा है। पहले प्रदेश में सड़कों की हालत खराब थी और बिजली आपूर्ति भी बेहद सीमित थी। कई इलाकों में बिजली की स्थिति ऐसी थी कि लोगों को दिन या रात में बिजली मिलती थी। शिक्षा व्यवस्था भी प्रभावित थी और कई जगह नकल माफिया सक्रिय थे। इंटर कॉलेजों में 5 से 10 हजार रुपये लेकर डिग्री दिलाने तक की शिकायतें सामने आती थीं। भाजपा सरकार बनने के बाद नकल विहीन परीक्षा व्यवस्था लागू की गई और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के प्रयास किए गए। यूनिवर्सिटी लगभग दोगुनी हो गई हैं। बेसिक शिक्षा के विद्यालयों में भी व्यापक सुधार हुआ है और स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों का तेजी से विस्तार किया गया है। वर्ष 2017 से पहले जहां सीमित संख्या में मेडिकल कॉलेज थे, वहीं अब प्रदेश के अधिकांश जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। एमबीबीएस और विशेषज्ञ चिकित्सकों की सीटों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 81 मेडिकल कॉलेज बन गए हैं। एमबीबीएस की सीटों में ढाई गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि यह ध्यान रखें कि जिन लोगों ने 2017 से पहले उत्तर प्रदेश को गुंडा स्टेट बनाने का काम किया था, उनको कभी सत्ता में नहीं आने दें। हम सब मिलकर उत्तर प्रदेश को नंबर एक पर लाने का काम करेंगे।





