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जिम्बाब्वे के खिलाफ ‘करो या मरो’ मैच, भारत के टॉप ऑर्डर पर जीत की जिम्मेदारी

चेन्नई
शीर्षक्रम की नाकामी और पिछली हार के बाद भारी दबाव से जूझ रही गत चैम्पियन भारतीय टीम को ‘जाइंट किलर’ जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 विश्व कप सुपर आठ चरण के ‘करो या मरो’ के मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। दक्षिण अफ्रीका से रविवार को 76 रन से हार के बाद भारत का नेट रनरेट (माइनस 3.80) खराब हो गया है जिससे सेमीफाइनल की उम्मीद बनाये रखने के लिये यह मुकाबला हर हालत में बड़े अंतर से जीतना होगा। इसके लिये पारी की शुरूआत और तीसरे नंबर की समस्या से पार पाना होगा। विश्व कप से पहले सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और ईशान किशन शानदार फॉर्म में थे जिन्होंने दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के खिलाफ उम्दा प्रदर्शन किया था। लेकिन पेट के संक्रमण के बाद से अभिषेक की लय खो गई है। सपाट पिचों पर आफ स्पिनरों के सामने वह अपने पसंदीदा शॉट नहीं खेल पा रहे हैं जिसका भारत को नुकसान हो रहा है।

इस टूर्नामेंट में चार मैचों में वह 15 रन ही बना सके हैं जबकि उनका स्ट्राइक रेट 75 और औसत 3.75 रहा। सवाल यह है कि आक्रामक बल्लेबाजी की स्वाभाविक शैली को तिलांजलि देकर क्या वह कुछ रन बना सकेंगे। अभिषेक की शैली में ही खेलने वाले इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने अपने खेल में बदलाव किया और पाल्लेकेल में पाकिस्तान के खिलाफ शतक जमाया। उनकी पारी देखकर ही शायद अभिषेक को ऐसा कुछ करने की प्रेरणा मिले। ब्रूक कभी भी स्पिनरों के सामने सहज नहीं रहे लेकिन उन्होंने पाकिस्तानी स्पिन आक्रमण की बखिया उधेड़ दी। उन्होंने रक्षात्मक और आक्रामक बल्लेबाजी का अच्छा तालमेल पेश किया।तिलक वर्मा को भी अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा। अभिषेक के खराब फॉर्म के कारण तिलक को ईशान का बखूबी साथ देना चाहिये था लेकिन ऐसा हुआ नहीं। ईशान 193 के स्ट्राइक रेट से रन बना रहे हैं लेकिन दूसरे छोर से उन्हें साथ नहीं मिल पा रहा।

सूर्यकुमार यादव ने 180 रन बनाये हैं लेकिन उनका स्ट्राइक रेट 127 रहा है जो उनके टी20 कैरियर के 161 के स्ट्राइक रेट से काफी कम है जिससे ईशान पर काफी दबाव बन गया है। शिवम दुबे और हार्दिक पंड्या निचले क्रम पर आक्रामक पारियां नहीं खेलते तो कुछ मैचों में तो भारत का स्कोर सम्मानजनक भी नहीं रहता। बायें हाथ के तीन बल्लेबाजों ईशान, अभिषेक और तिलक के सामने विरोधी टीमों ने पावरप्ले में आफ स्पिनरों का उपयोग किया है। शीर्ष तीन में दाहिने हाथ के बल्लेबाज संजू सैमसन को शामिल करने की संभावना है हालांकि वह खुद बहुत अच्छे फॉर्म में नहीं हैं।

ऐसे में टीम प्रबंधन सूर्यकुमार को तीसरे और तिलक को चौथे नंबर पर उतार सकता है। वैसे चेपॉक की पिच से उन्हें काफी मदद मिल सकती है। जिम्बाब्वे के पास उतना खतरनाक स्पिन आक्रमण भी नहीं है जिसका अभी तक भारत ने सामना किया है। तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी , रिचर्ड एनगारावा और ब्राड इवांस से कड़ी चुनौती मिल सकती है। गेंदबाजी में भारत को चिंता करने की जरूरत नहीं है लेकिन पिछले मैच में दक्षिण अफ्रीका के तीन विकेट 20 रन पर चटकाने के बाद उसे सात विकेट पर 187 रन बनाने का मौका दे दिया जिस पर विचार करना होगा।

टीमें :
भारत:
सुयकुमार यादव (कप्तान), ईशान किशन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, हार्दिक पंड्या, रिंकू सिंह, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, संजू सैमसन (विकेटकीपर), मोहम्मद सिराज, वाशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह।

जिम्बाब्वे: सिकंदर रजा (कप्तान), ब्रायन बेनेट, रयान बर्ल, ग्रीम क्रेमर, बेन कुरेन, ब्रैड इवांस, क्लाइव मदांडे, टिनोटेंडा मापोसा, तदिवानाशे मारुमनी, वेलिंगटन मसाकाद्जा, टोनी मुनयोंगा, ताशिंगा मुसेकिवा, ब्लेसिंग मुजाराबानी, डायोन मायर्स, रिचर्ड एनगारवा।

मैच का समय : शाम सात बजे से।

 

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