लाइफस्टाइल

सद्‌गुरु बताते हैं मेडिटेशन का सही तरीका, मिनटों में मिलेगा शांत और स्ट्रेस-फ्री दिमाग

ऑफिस की टेंशन हो या बोर्ड कक्षा के रिजल्ट का तनाव, अगर आपकी रोजमर्रा की लाइफ में तनाव अकसर बना रहता है, दिमाग में स्ट्रेस रहता है, किसी काम को करते समय दिमाग इधर-उधर भटकने लगता है तो आपको आपनी लाइफ में मेडिटेशन को जगह देनी चाहिए। हालांकि कई लोग अकसर इस बात से भी परेशानी रहते हैं कि उन्हें दिमाग को शांत और स्ट्रेस फ्री रखने के लिए मेडिटेशन करने का सही तरीका नहीं मालूम होता है। अगर आप भी ऐसे ही लोगों में से एक हैं तो सद्‌गुरु से सीखें मेडिटेशन करने के लिए क्या है जरूरी टिप्स।

नियमित अभ्यास करें
सद्‌गुरु के अनुसार ध्यान यानी मेडिटेशन व्यक्ति के लिए उसका दैनिक अभ्यास होना चाहिए। जिसका अभ्यास उसे रोजाना 10-20 मिनट का समय निकालकर जरूर करना चाहिए।

शांत जगह बैठे
मेडिटेशन करने के लिए हमेशा शांत स्थान का चुनाव करें। ऐसी जगह जहां बैठकर ध्यान करने में आपको किसी तरह का कोई व्यवधान महसूस ना हो। सद्‌गुरु की मानें तो मेडिटेशन के लिए सुबह का समय सबसे अच्छा होता है।

ईशा क्रिया का अभ्यास
सद्‌गुरु की 'ईशा क्रिया' एक सरल ध्यान तकनीक है। यह शरीर और मन से परे ध्यान की अवस्था का अनुभव करने के लिए एक सरल और शक्तिशाली प्रक्रिया है। इसमें श्वास पर ध्यान देना और 'मैं मेरे शरीर नहीं, मैं मेरे मन नहीं' का जाप करना शामिल है। इस क्रिया का उद्देश्य मनुष्य को उसके आंतरिक स्रोत से संपर्क करने में सहायता करना है।

श्वास पर ध्यान दें
सद्‌गुरु के अनुसार, अब अपनी सांसों को गिनें और धीरे-धीरे गहरी सांस लें। ऐसा करने से मन शांत होता है।

खुद को समर्पित करें
ध्यान के दौरान बाहरी विचारों को छोड़कर पूरी तरह से वर्तमान में रहें। सद्‌गुरु कहते हैं कि यह आत्म-जागरूकता बढ़ाता है।

धैर्य रखें
सद्‌गुरु कहते हैं कि ध्यान के लाभ समय के साथ मिलते हैं। ऐसे में उनकी सलाह यह है कि ध्यान करते समय जल्दबाजी न करें और प्रक्रिया पर भरोसा रखें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button