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नागरिक उड्डयन क्षेत्र के विकास को मिले नए पंख, बजट में 2,111 करोड़ रुपये की घोषणा

नव निर्माण के नौ वर्ष: बजट 2026-27 

नागरिक उड्डयन क्षेत्र के विकास को मिले नए पंख, बजट में 2,111 करोड़ रुपये की घोषणा

जेवर अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट को मिले 750 करोड़ रुपये, ऑपरेशन हब के रूप में होगा विकास

इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के लिए 400 करोड़ और चार्जिंग स्टेशन के लिए दिए गए 50 करोड़ रुपये

लखनऊ
प्रदेश में नागरिक उड्डयन और परिवहन अवसंरचना को सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बजट 2026-27 में व्यापक वित्तीय प्रावधान किए हैं। इस क्रम में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट भाषण में नागरिक उड्डयन क्षेत्र के विकास हेतु 2,111 करोड़ रुपये के प्रावधान की घोषणा की। इसमें विशेष रूप से जेवर एयरपोर्ट में नए विकास कार्यों के साथ प्रदेश के अन्य एयरपोर्टों पर हवाई पट्टियों के निर्माण के लिए बजट प्रावधान किया गया है। साथ ही सड़क परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए 400 करोड़ रुपये ईवी बसों की खरीद के लिए स्वीकृत किए गए हैं।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट भाषण के दौरान प्रदेश के महत्वाकांक्षी जेवर अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट में नए निर्माण कार्यों के लिए 750 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उन्होंने बताया कि पीपीपी मोड पर बन रहे इस एयरपोर्ट के प्रथम चरण का विकास कार्य प्रगति पर है। राज्य सरकार ने यहां प्रस्तावित दो रनवे की संख्या बढ़ाकर पांच रनवे किए जाने का निर्णय लिया है। साथ ही जेवर एयरपोर्ट को एविएशन इनोवेशन एवं रिसर्च सेंटर के अलावा रखरखाव एवं ऑपरेशन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। साथ ही प्रदेश में हवाई पट्टियों के निर्माण, विस्तार, सुदृढ़ीकरण एवं भूमि अर्जन के लिए 1,100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है, जिससे क्षेत्रीय हवाई सेवाओं को मजबूती मिलेगी। साथ ही उन्होंने बताया कि प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (आरसीएस) के माध्यम से हवाई सुविधाओं का निरंतर विकास किया जा रहा है।

प्रदेश सरकार के बजट 2026-27 में सड़क परिवहन को सुदृढ़ बनाने और इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है। वित्त मंत्री ने ईवी बसों की खरीद के लिए 400 करोड़ रुपये और बस अड्डों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। वहीं परिवहन संरचना के सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से बस अड्डों के निर्माण के लिए 150 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं दुर्घटना के बाद त्वरित कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री सड़क सेफ्टी विजन योजना के अंतर्गत 50 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। योगी सरकार की इन पहलों से प्रदेश में हवाई और सड़क परिवहन ढांचे को नई गति मिलने की उम्मीद है, जिससे कनेक्टिविटी, निवेश और आर्थिक विकास को व्यापक प्रोत्साहन मिलेगा।

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